Skip to main content

ABHISHEK SHARMA-CRICKET SUPERSTAR

ABHISHEK SHARMA

अभिषेक शर्मा की जीवनी और उनकी क्रिकेट यात्रा

अभिषेक शर्मा भारतीय क्रिकेट के उन युवा सितारों में से एक हैं, जिन्होंने बहुत कम उम्र में अपनी पहचान बना ली। बाएं हाथ के आक्रामक बल्लेबाज़ और स्लो लेफ्ट-आर्म ऑर्थोडॉक्स गेंदबाज़ होने के कारण वे एक ऑलराउंडर के रूप में जाने जाते हैं। उनकी बल्लेबाज़ी शैली तेज़ रफ्तार और बड़े शॉट्स खेलने के लिए मशहूर है।

विवरण जानकारी
1 नाम Abhishek Sharma
2 जन्म तिथि =4 सितंबर 2000
3 जन्म स्थान अमृतसर, पंजाब, भारत
4 माता-पिता पिताजी: Raj Kumar Sharma, माताजी: Manju Sharma
5 भाई-बहन वह परिवार में सबसे छोटे हैं; उनकी दो बड़ी बहनें हैं — Komal और Sonia/Sania
6 स्कूल Delhi Public School


Amazon Affiliate Product

क्रिकेट करियर की शुरुआत

आज अभिषेक शर्मा ICC T20 RANKING में TOP पर मौजूद है , उन्होंने अपने क्रिकेट जीवन की शुरुआत एक स्पिन बॉलर के रूप में किया था। 
अभिषेक शर्मा का जन्म अमर्तृसर मे राजकुमार शर्मा और मंजु शर्मा के घर हुआ था  पिता किक्रेटर थे, जिन्होने खुद फर्स्ट क्लास किक्रेट खेला है,  अभिषेक की शुरुआत की कोचिंग भी उन्होने ही दी थी। 
अभिषेक के पिता राजकुमार जी, खुद किक्रेट खेलते थे, ऐसे मे उनकी किट और अन्य सामान घर पर ही पडा रहता था, अभिषेक जब तीन-चार साल के थे, तो अपने पिता के बैट को उठाने की कोशिश करते थे  ,लेकिन उठा नही पाते थे, ऐसा देख कर उनके पिता जी ने उनको प्लास्टिक का बैट लाकर दे दिया  , जिससे वो खुब शाॅट लगाते थे। 
जब अभिषेक अंडर 14 मे थे , तब उन्हे 130-140 की रफ्तार वाली गेद खिलाया जाता था।

वर्ष 2013 मे पंजाब किक्रेट एसोसिएशन ने एक कैम्प लगाया, जिसमे उन्होने अंडर-12 और अंडर -14 की दो टीम बनाई,  इन बच्चो को कोच डी.पी.  आजाद ( कपिल देव के गुरु ) के देख रेख मे प्रशिक्षण दिलाया गया,  इनमे कुल 30 बच्चो को ट्रेनिंग दी गई,  और फाइनली दो बच्चो को सिलेक्ट किया गया। इन दो मे एक बल्लेबाज थे- अभिषेक शर्मा।
  •  अभिषेक के पिता क्रिकेट कोच थे, इस वजह से उनका झुकाव बचपन से ही खेल की ओर रहा। महज़ 11–12 साल की उम्र में ही उन्होंने क्रिकेट में गंभीरता दिखाई और अंडर-16 टूर्नामेंट्स में पंजाब का प्रतिनिधित्व करना शुरू कर दिया।
  • 2015-16 के विजय मर्चेंट ट्रॉफी (Under-16) में उन्होंने धूम मचा दी। इस टूर्नामेंट में अभिषेक ने लगभग 1200 रन बनाए, वो भी 109 से ऊपर की औसत से। इस प्रदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
  • युवराज सिंह जो अपनी बिमारी के कारण टीम इण्डिया से बाहर चल रहे थे, वे कैन्सर जैसी बिमारी को हरा कर भारतीय टीम मे वापसी के लिए रणजी खेल रहे थे,  इसी दौरान अन्डर-19 से अभिषेक और शुभमन गिल को उनके पास भेजा गया। एक मैच मे उनकी टीम के तीन-चार खिलाड़ी जल्दी आउट हो गए, तब अभिषेक बैटिंग के लिए पहुंचे, 
  •  अभिषेक शर्मा 2018 में न्यूजीलैंड में हुए अंडर-19 विश्व कप में भारतीय टीम का हिस्सा रहे। उस समय भारतीय टीम (जिसका नेतृत्व पृथ्वी शॉ कर रहे थे) ने विश्व कप जीता। इस जीत में अभिषेक का योगदान भी अहम रहा और उनके प्रदर्शन ने आईपीएल फ्रेंचाइज़ियों का ध्यान खींचा।
  • उन्होंने 2018 में U-19 विश्व कप में हिस्सा लिया और भारत की टीम ने वो U-19 WC जीती थी।

गुरु - युवराज सिंह -

आज अभिषेक शर्मा टीम इंडिया के उभरते हुए सितारों में से एक है , इन्होने जब से टीम इंडिया में डेब्यू किया है तब से टीम के लिए शानदार प्रदर्शन कर रहे है , हालाँकि शुरुआत में इनकी कुछ ख़राब पारियां भी देखने को मिली , लेकिन अब अभिषेक शर्मा टीम इंडिया के नए हीरो बनकर उभरे है। 

लेकिन इनके हीरो बनने के पीछे सबसे बड़ा हाथ पूर्व धाकड़ बल्लेबाज युवराज सिंह का है , जिन्होंने इनके जीवन में एक बड़े भाई और गुरु का रोल निभाया और आज टीम इंडिया का सुपर हीरो बना दिया। 

जब दुनिया में कोविड -19 का आतंक फैला हुआ था , तब युवराज सिंह ने अपने घर पर ही प्रशिक्षण कैम्प लगाया था, जिसमे उन्होंने पंजाब के शुभमन गिल , अभिषेक शर्मा , अनमोल प्रीत सिंह और प्रभसिमरन सिंह जैसे खिलाड़ियों को क्रिकेट के गुर सिखाये , यह केवल अभिषेक शर्मा के लिए क्रिकेट कैम्प ही नहीं बल्कि एक जीवन परिवर्तनकारी अनुभव साबित हुआ और इस खिलाडी का कैरियर ही बदल गया। 
कोविड -19 के दौरान अभिषेक शर्मा और बाकि खिलाडी युवराज सिंह के घर पर ही रहते थे और वही खाना भी खाते थे। 

शुरुआत में अभिषेक शर्मा काफी नाइट पार्टिया करते थे और उनके काफी गर्ल फ्रेंड भी थी , लेकिन युवराज सिंह के सख्ती से उन्होंने अपनी बुरी आदते छोड़ दी। इस तरह युवराज सिंह जैसे जौहरी ने अभिषेक शर्मा को तराशा और टीम इंडिया का अनमोल हीरा बना दिया। 

प्रथम श्रेणी और लिस्ट ए क्रिकेट

  • उन्होंने पंजाब के लिए Ranji Trophy में प्रथम श्रेणी क्रिकेट की शुरुआत 6 अक्टूबर 2017 को की थी।
  • लिस्ट A (Vijay Hazare Trophy) में भी खेला।

IPL और फ्रेंचाइजी करियर

  • 2018 IPL: दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) ने उन्हें खरीदा। अपने डेब्यू मैच में ही उन्होंने सिर्फ 19 गेंदों पर अर्धशतक ठोका, जो उनकी क्षमता का सबूत था।
  • बाद में 2019 से वह Sunrisers Hyderabad (SRH) टीम से जुड़े।
  • IPL 2022 और 2024: इन सीज़नों में उन्होंने बतौर ओपनर धमाकेदार बल्लेबाज़ी की। विशेषकर 2024 में उन्होंने कई बार पावरप्ले में ही विरोधियों की कमर तोड़ दी। उनकी स्ट्राइक रेट और छक्के लगाने की क्षमता चर्चा का विषय रही।


भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय करियर (International Career)

  • उन्होंने T20I डेब्यू किया है: 6 जुलाई 2024 को ज़िम्बाब्वे के खिलाफ।
  • उन्होंने मुकाबले आते ही अपनी छाप छोड़ी — बहुत जल्दी बड़े रन बनाए और कप्तान टीम के लिए महत्वपूर्ण रहे।
  • उनकी बल्लेबाज़ी की विशेषताएँ जैसे कि आक्रामक, तेज शॉट्स, अच्छी स्थिति से गेंदबाज़ी का सामना करना (pace & spin दोनों) आदि हैं।

शैली और विशेषताएँ

  • बल्लेबाज़ी: बाएं हाथ के ओपनर। तेज़ रन बनाने, छक्के लगाने और पावरप्ले में गेंदबाज़ों पर दबाव बनाने में माहिर।
  • गेंदबाज़ी: स्लो लेफ्ट-आर्म ऑर्थोडॉक्स स्पिन। ज़रूरत पड़ने पर पार्ट-टाइम गेंदबाज़ के तौर पर योगदान देते हैं।
  • रोल: बल्लेबाज़ी (opening batter), कभी-कभी स्पिनर के रूप में भूमिका निभाते हैं।
  • शॉट-उन्मुख(Power Hitting): सीमाएँ (boundaries) और खासकर छक्के मारने की क्षमता अच्छी है; तेज रफ्तार से रन बनाने की कोशिश करते हैं।

उपलब्धियाँ और रिकॉर्ड्स

  • अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी में 1200+ रन।शानदार प्रदर्शन, बहुत अच्छी औसत और रन स्कोर करना।
  • U-19 विश्व कप में हिस्सा लेना और टीम का हिस्सा बनना।
  • IPL 2018 में सिर्फ 19 गेंदों पर अर्धशतक।
  • IPL में स्विंग और धमाकेदार पारी: IPL 2024 में SRH के लिए तेज रफ्तार की बल्लेबाज़ी की।
  • भारत के लिए T20I में सैकड़ा बनाना और अपेक्षाकृत युवा होकर बड़े स्कोर बनाना।
अभिषेक शर्मा आज भारत के उभरते हुए क्रिकेट सितारों में गिने जाते हैं। उनकी बल्लेबाज़ी की आक्रामक शैली और युवा जोश उन्हें भीड़ से अलग करती है। अगर वे इसी तरह मेहनत और निरंतरता बनाए रखते हैं, तो आने वाले वर्षों में वे भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में महत्वपूर्ण खिलाड़ी साबित हो सकते हैं।

Comments

Popular posts from this blog

मैथिली ठाकुर के जीवन की कहानी ( Life Journey of Maithili Thakur)

मैथिली ठाकुर का जन्म 25 जुलाई 2000 को मधुबनी जिले के बेनीपट्टी गांव में हुआ था।  इनके पिता का नाम रमेश ठाकुर और माता का नाम भारती  ठाकुर था , इनके पिता रमेश जी मैथिली संगीतकार और संगीत अध्यापक थे , उन्होंने अपनी बच्ची का नाम माँ सीता जी के नाम पर मैथिली रखा , जो की उनकी मातृ भाषा का भी नाम था।  मैथिली जी के दो भाई भी है , उनका नाम ऋषव और अयाची है। मैथिली जी ने अपनी प्राथमिक संगीत शिक्षा अपने दादा जी से और अपने पिता जी से प्राप्त किया।   चार साल की उम्र से ही उनका संगीत सफर शुरू हो गया था, और उन्होंने हारमोनियम, तबला, एवं हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में प्रशिक्षण लिया। और मात्र 6 वर्ष की उम्र तक वो मैथिली फोक सॉन्ग , हिंदुस्तानी क्लासिकल म्यूजिक , हारमोनियम और तबला वादन में दक्ष हो गयी।   उनकी इस प्रतिभा को देखते हुए उनके पिता , उनको लेकर दिल्ली आ गए और यहाँ वो द्वारिका में रहने लगे।   दिल्ली आकर उन्होंने एम् सी डी स्कूल में दाखिला लिया ,  संगीत में उनकी असाधारण प्रतिभा को देखकर उन्हें बाल भवन इंटरनेशनल स्कूल में संगीत छात्रवृत्ति मि...

मि. श्याम सुन्दर गोयनका जी Accounting Software के जनक ( Innovation of Accounting Software by Shyam Sunder Goyanka ji)

श्री श्याम सुंदर गोयनका जी , जिन्होंने भारत वर्ष को परंपरागत Book-Keeping से Computer से Accounting की दुनिया में ले आये।  इन्होने भारत वर्ष में एकाउंटिंग सॉफ्टवेयर की क्रांति लायी।   भारत में अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर क्रांति के अग्रदूत, श्री श्याम सुंदर गोयनका जी का नाम बड़े ही सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने न केवल टैली (Tally) जैसा महान सॉफ्टवेयर दिया, बल्कि भारत में छोटे और मध्यम उद्योगों (SMEs) के काम करने के तरीके को ही बदल दिया। यहाँ उनके जीवन और टैली की सफलता से जुड़ी पूरी जानकारी दी गई है: श्री श्याम सुंदर गोयनका जी का जन्म और प्रारंभिक जीवन श्याम सुंदर गोयनका जी का जन्म 1932 में पश्चिम बंगाल के एक मारवाड़ी परिवार में हुआ था। व्यापार उनके खून में था, लेकिन वे हमेशा कुछ नया और सरल करने की सोच रखते थे। टैली सॉफ्टवेयर की शुरुआत (  टैली  कैसे बनवाया?) टैली की इतिहास किसी चमत्कार से कम नहीं है। 1980 के दशक में गोयनका जी बेंगलुरु में 'प्यूट्रॉनिक्स' (Peutronics) नाम की एक कंपनी चलाते थे, जो कपड़ा मिलों को मशीनरी के पुर्जे और कच्चा माल सप्लाई करती थी। समस्या...