मि. श्याम सुन्दर गोयनका जी Accounting Software के जनक ( Innovation of Accounting Software by Shyam Sunder Goyanka ji)
श्री श्याम सुंदर गोयनका जी , जिन्होंने भारत वर्ष को परंपरागत Book-Keeping से Computer से Accounting की दुनिया में ले आये। इन्होने भारत वर्ष में एकाउंटिंग सॉफ्टवेयर की क्रांति लायी।
भारत में अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर क्रांति के अग्रदूत, श्री श्याम सुंदर गोयनका जी का नाम बड़े ही सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने न केवल टैली (Tally) जैसा महान सॉफ्टवेयर दिया, बल्कि भारत में छोटे और मध्यम उद्योगों (SMEs) के काम करने के तरीके को ही बदल दिया।
यहाँ उनके जीवन और टैली की सफलता से जुड़ी पूरी जानकारी दी गई है:
श्री श्याम सुंदर गोयनका जी का जन्म और प्रारंभिक जीवन
श्याम सुंदर गोयनका जी का जन्म 1932 में पश्चिम बंगाल के एक मारवाड़ी परिवार में हुआ था। व्यापार उनके खून में था, लेकिन वे हमेशा कुछ नया और सरल करने की सोच रखते थे।
टैली सॉफ्टवेयर की शुरुआत ( टैली कैसे बनवाया?)
टैली की इतिहास किसी चमत्कार से कम नहीं है। 1980 के दशक में गोयनका जी बेंगलुरु में 'प्यूट्रॉनिक्स' (Peutronics) नाम की एक कंपनी चलाते थे, जो कपड़ा मिलों को मशीनरी के पुर्जे और कच्चा माल सप्लाई करती थी।
समस्या: उन्हें अपना हिसाब-किताब रखने में बहुत परेशानी होती थी। उस समय के कंप्यूटर सॉफ्टवेयर बहुत जटिल थे और उन्हें चलाने के लिए कोडिंग या विशेष तकनीकी ज्ञान की जरूरत होती थी।
समाधान: गोयनका जी ने अपने बेटे भरत गोयनका (जो उस समय गणित के छात्र थे) से कहा कि वे एक ऐसा सॉफ्टवेयर बनाएँ जो इतना आसान हो कि एक आम आदमी, जिसे कंप्यूटर नहीं आता, वह भी अपना अकाउंट्स खुद मैनेज कर सके।
पहला संस्करण: 1986 में उन्होंने 'प्यूट्रॉनिक्स फाइनेंशियल अकाउंटेंट' लॉन्च किया। बाद में 1988 में इसे 'Tally' नाम दिया गया। यह बिना कोड वाला (Codeless) दुनिया का पहला अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर बना।
सफलता का राज ( Tally की विशेषता )
टैली की सफलता के पीछे श्याम सुंदर गोयनका जी की सादगी और दूरदर्शिता थी:
उपयोगकर्ता-मित्रता: उन्होंने जोर दिया कि सॉफ्टवेयर में 'डेबिट' और 'क्रेडिट' जैसे शब्दों का इस्तेमाल वैसा ही हो जैसा एक मुनीम अपनी डायरी में करता है। लेजर का डिजाइन वैसा ही हो जैसा की Commerce की क्लासेज में पढ़ाया और बनाया जाता है। कोई भी छात्र जो कॉमर्स विषय से है उसे टैली देखते ही अपने बुक्स की याद आ जाएगी , आप जिस तरह से स्कूल में पढ़ते है और अपने नोट बुक में प्रश्नो का हल लिखते है , Tally बिलकुल वैसे ही काम करता है। वैसा ही दिखता है।
बिना माउस का उपयोग: उन्होंने टैली को ऐसा बनवाया कि इसे सिर्फ कीबोर्ड से बहुत तेजी से चलाया जा सके, जो आज भी इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
MSME पर फोकस: उन्होंने बड़े कॉरपोरेट्स के बजाय भारत के छोटे व्यापारियों की जरूरतों को समझा। और उनके टैक्स कंप्लायंस को आसान बनाया।
व्यक्तिगत जीवन (परिवार और बच्चे)
पत्नी: श्याम सुंदर गोयनका जी की धर्मपत्नी का नाम श्रीमती कुसुम गोयनका है।
बच्चे: उनके एक पुत्र हैं, भरत गोयनका। भरत जी ने ही अपने पिता के सपने को तकनीकी रूप दिया और आज वे टैली सॉल्यूशंस के वाइस चेयरमैन हैं। उनकी एक बेटी भी है।
मृत्यु और विरासत
श्याम सुंदर गोयनका जी का निधन 21 अक्टूबर 2002 को हुआ। उनका निधन एक बीमारी (कैंसर) के कारण हुआ था, लेकिन उनके जाने के बाद भी उनका विजन आज लाखों व्यापारों को मजबूती दे रहा है।
"वह अक्सर कहते थे कि तकनीक ऐसी होनी चाहिए जो इंसान की गुलामी न करवाए, बल्कि उसका काम आसान करे।"
आज टैली दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में इस्तेमाल होता है, जिसका श्रेय गोयनका जी की उसी सोच को जाता है जिसने एक व्यापारी की मुश्किल को समझा।
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